29 सितंबर 2026 को प्रीमियर लीग ने मैनचेस्टर सिटी के वित्तीय नियमों से जुड़े लंबे समय से प्रतीक्षित मामले का निर्णय सार्वजनिक किया। स्वतंत्र आयोग ने पाया कि क्लब ने पुराने वर्षों में आय और खर्च दर्ज करने के दौरान महत्वपूर्ण नियमों का उल्लंघन किया और जांच में सहयोग देने की जिम्मेदारी भी काफी हद तक पूरी नहीं की। लेकिन यह अंतिम सजा का आदेश नहीं है। सिटी ने अपील की है और अंतिम दंड अभी तय नहीं हुआ है।
इस मामले के तीन चरण अलग रखने जरूरी हैं: लीग के आरोप, स्वतंत्र आयोग द्वारा पाए गए उल्लंघन और अलग से तय होने वाली सजा। यह कहना कि सिटी पहले ही निचली लीग में भेज दी गई है या उसके खिताब छीन लिए गए हैं, मौजूदा कानूनी स्थिति को गलत बताना होगा।
अब सवाल यह है कि अपील में प्रायोजन समझौतों और लेखांकन साक्ष्यों का आकलन कैसे होगा और यदि मूल निष्कर्ष बरकरार रहे तो कोई भी दंड अंकतालिका, फुटबॉल से होने वाली कमाई और व्यावसायिक साझेदारों को कैसे प्रभावित करेगा।
तथाकथित 115 आरोपों से आयोग के प्रतिकूल निर्णय तक
प्रीमियर लीग ने दिसंबर 2018 में जांच शुरू की और फरवरी 2023 में मामला स्वतंत्र आयोग को भेजा। मीडिया में प्रचलित '115 आरोपों का मामला' केवल संक्षिप्त नाम है। आधिकारिक निर्णय में आरोप कई श्रेणियों और उपबिंदुओं में हैं। इसका मतलब न तो यह है कि सभी आरोप समान गंभीर हैं, न यह कि प्रत्येक के लिए अपने आप अलग सजा मिलेगी।
सितंबर से दिसंबर 2024 के बीच 42 दिन सुनवाई हुई। 29 सितंबर 2026 को लीग ने कुछ हिस्से हटाकर मुख्य निर्णय प्रकाशित किया। आयोग ने अधिकतर बड़े आरोप स्वीकार किए, हालांकि सहयोग से जुड़ा एक उपआरोप सिद्ध नहीं माना। ये आयोग के निष्कर्ष हैं जिन्हें मैनचेस्टर सिटी अपील में चुनौती दे रही है, अंतिम अपरिवर्तनीय फैसला नहीं।
विवाद का केंद्र प्रायोजकों से प्राप्त धन और कुछ खर्चों की लेखांकन प्रविष्टियां हैं। आयोग के अनुसार कुछ वाणिज्यिक समझौते यह पूरी तरह नहीं दर्शाते थे कि रकम वास्तव में किसने दी, जबकि कुछ लागत वास्तविक राशि से कम दिखाई गई। लीग ने कहा कि 2009/10 से 2017/18 सीजन के बीच अधिक दिखाई गई आय या कम दिखाई गई लागत का कुल प्रभाव 90 करोड़ पाउंड से अधिक था।
इसका अर्थ 90 करोड़ पाउंड का जुर्माना या उतनी रकम का गायब हो जाना नहीं है। यह उन लेखा प्रविष्टियों का आकार है जिन्हें आयोग ने गलत माना और जिनसे खर्च की सीमा के अनुपालन का आकलन बदल सकता है। मालिक के पैसे को वास्तविक व्यावसायिक प्रायोजन आय मानने से खिलाड़ी खरीदने और वेतन देने की अनुमत क्षमता वास्तविकता से अधिक दिख सकती है।
जांच में पर्याप्त सहयोग न देना आय के लेखांकन से अलग दायित्व का मामला है। दोनों के नियम और साक्ष्य अलग हैं।
कौन सी सजा वास्तव में संभव है
प्रीमियर लीग के अनुशासन नियम विभिन्न उपायों की अनुमति देते हैं। जुर्माना, अंक कटौती और अन्य खेल संबंधी कार्रवाई उल्लंघन की गंभीरता और परिस्थितियों पर निर्भर हो सकती है। ये सिटी पर पहले से लागू अंतिम दंड नहीं हैं।
| संभावित कार्रवाई | सिटी पर असर | जरूरी सीमा |
|---|---|---|
| जुर्माना | क्लब पर सीधे नकद खर्च का दबाव | अंतिम जुर्माने की राशि घोषित नहीं |
| अंक कटौती | लीग स्थान, खिताबी दौड़ या यूरोपीय प्रतियोगिता में प्रवेश प्रभावित | न अंक संख्या तय है न लागू होने वाला सीजन |
| सदस्यता या प्रतियोगिता संबंधी कार्रवाई | गंभीर मामले में प्रीमियर लीग से निष्कासन संभव | निष्कासन से EFL की निचली लीग में स्वतः जगह नहीं मिलती |
| पिछले खिताब हटाना या विशेष कदम | अधिकार और प्रक्रिया पर विवाद संभव | स्वतः नहीं होता, कोई ऐसा आदेश जारी नहीं |
'रेलीगेशन' या निचली लीग में जाना एक ही तरह की सजा नहीं है। बड़ी अंक कटौती से टीम सीजन के अंत में नीचे रह सकती है; प्रीमियर लीग से निष्कासन अलग कार्रवाई है। निष्कासित होने पर भी इंग्लिश फुटबॉल लीग (EFL) में खेलने का अधिकार अपने आप नहीं मिलता।
पुराने खिताब वापस लेना और जटिल होगा क्योंकि इसके लिए कानूनी आधार, प्रक्रिया और दूसरे क्लबों के अधिकार देखने पड़ेंगे। कोई आदेश न होने पर यह कहना कि कौन सी उपविजेता टीम खिताब पाएगी, महज अटकल है।
मुख्य बात: आयोग द्वारा उल्लंघन पाए जाने से यह नहीं पता चलता कि कितने अंक कटेंगे। सजा की अलग सुनवाई होती है और अपील से उल्लंघन के निष्कर्ष या बाद के आदेश बदल सकते हैं।
मैनचेस्टर सिटी अपना बचाव कैसे कर सकती है
क्लब ने 1 अक्टूबर 2026 को अपील दाखिल करने की घोषणा की। वह नियम तोड़ने से इनकार करता है और निर्णय में कानून, सिद्धांत और तथ्य संबंधी बड़ी गलतियां बताता है। यह क्लब का पक्ष है, अपील समिति द्वारा स्वीकार किया गया निष्कर्ष नहीं।
सार्वजनिक विवाद को देखते हुए लेखा रिकॉर्ड की विश्वसनीयता, प्रायोजन धन के स्रोत, कंपनियों के आपसी समझौतों का वास्तविक आर्थिक अर्थ और साक्ष्य के मूल्यांकन पर बहस संभव है। पूरी अपील अभी सार्वजनिक नहीं है, इसलिए यह दावा गलत होगा कि सिटी इन मुद्दों पर अपना पक्ष सिद्ध कर चुकी है।
मालिक की पूंजी और व्यावसायिक आय अलग हैं। विज्ञापन सेवा के बदले किसी कंपनी का वास्तविक भुगतान उस व्यवस्था से अलग है जिसमें मालिक का अधिकांश पैसा प्रायोजन की रकम बनकर दर्ज हो। आयोग ने दूसरी तरह की व्यवस्था पाई, जबकि सिटी इसे नकारती है। केंद्र में अनुबंध का नाम नहीं बल्कि पैसे के प्रवाह की आर्थिक वास्तविकता है।
2020 में खेल पंचाट न्यायालय (CAS) ने यूरोपीय फुटबॉल संघ (UEFA) द्वारा सिटी पर लगाया यूरोपीय प्रतियोगिताओं का प्रतिबंध हटा दिया था। कुछ आरोप पर्याप्त रूप से सिद्ध नहीं थे और कुछ पर समय-सीमा लागू थी। लेकिन उस मामले के नियम और अवधि अलग थे। 2020 की सफलता 2026 के प्रीमियर लीग निर्णय को पलटती नहीं और फिर जीतने की गारंटी भी नहीं देती।
व्यावसायिक जोखिम संभालने के लिए क्लब संभावित जुर्माने और कानूनी खर्च के लिए राशि रख सकता है, वाणिज्यिक अनुबंधों की समीक्षा कर सकता है और खिलाड़ियों के बजट के अलग-अलग विकल्प बना सकता है। ये विश्लेषणात्मक संभावनाएं हैं, क्लब द्वारा घोषित योजनाएं नहीं।
पुराने क्लब मामलों से क्या सीख मिलती है
दूसरे मामलों से पता चलता है कि सजा और अपील मैचों की प्रतिस्पर्धी स्थिति बदल सकते हैं। लेकिन उनसे सिटी के अंकों की कटौती का कोई सूत्र नहीं निकलता, क्योंकि आरोप, समय और क्लबों का रुख अलग थे।
एवर्टन (Everton) को लाभप्रदता और स्थिरता नियमों (PSR) के उल्लंघन पर नवंबर 2023 में दस अंक गंवाने पड़े। फरवरी 2024 में अपील पर सजा घटकर छह अंक हो गई। एवर्टन ने उल्लंघन स्वीकार किया था, जबकि सिटी मुख्य निष्कर्षों का विरोध कर रही है।
नॉटिंघम फॉरेस्ट (Nottingham Forest) से मार्च 2024 में PSR उल्लंघन पर चार अंक काटे गए। अपील करने के बावजूद मई में फैसला बरकरार रहा। अपील करने से राहत मिलना तय नहीं होता।
लीसेस्टर सिटी (Leicester City) के लिए EFL वित्तीय नियमों के मामले में 2025/26 चैंपियनशिप सीजन में छह अंक काटने की सिफारिश हुई, जिसे अप्रैल 2026 में अपील के बाद भी कायम रखा गया। इससे पता चलता है कि कार्रवाई वर्तमान लीग को प्रभावित कर सकती है, न कि सिटी को भी वही दंड मिलेगा।
कितने अंक, किस सीजन में और अपील का क्या नतीजा – तीनों अहम हैं। फिर भी ये सीमित PSR मामले सिटी के कई श्रेणी वाले मामले के समान नहीं हैं। सिटी के लिए चार, छह या दस अंक कटने का अनुमान इनसे नहीं लगाया जा सकता।
अगला कदम क्या होगा
प्रीमियर लीग ने कहा है कि दंड की सुनवाई मुख्य निष्कर्षों से अलग होगी। स्वतंत्र अपील बोर्ड (Appeal Board) नियमों के तहत फैसले को बरकरार रख या बदल सकता है। अधिकृत खुलासे तक इस प्रक्रिया का विवरण गोपनीय रहेगा।

9 अक्टूबर 2026 तक अपील के निर्णय या अंतिम सजा की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं थी। मीडिया के समय संबंधी अनुमान बाध्यकारी कानूनी समय-सारणी नहीं हैं। आगे मुख्य अपील का फैसला, दंड की सुनवाई का समय और नतीजा तथा संभावित खेल दंड किस सीजन में लगेगा, यह देखना जरूरी है।
अपील से मुख्य निष्कर्ष काफी बदलते हैं तो दंड का आधार भी बदल सकता है। वे कायम रहते हैं तो जुर्माने, अंक कटौती या अधिक कठोर कार्रवाई के अनुपात पर बहस होगी। आधिकारिक आदेश से पहले किसी नतीजे को निश्चित नहीं कहा जा सकता।
अंकतालिका से बड़ा आर्थिक सवाल
टीवी प्रसारण अधिकार, पुरस्कार राशि, प्रायोजन, टिकट बिक्री और खिलाड़ियों के अनुबंध एक-दूसरे से जुड़े हैं। अंक कटने से यूरोपीय प्रतियोगिता में पहुंचने की संभावना बदलती है तो अपेक्षित आय और कुछ अनुबंध शर्तों पर असर हो सकता है। लेकिन अंतिम निर्णय, लीग स्थिति और निजी समझौतों के बिना नुकसान की रकम नहीं निकाली जा सकती।
दूसरी टीमों के लिए नियमों का समान पालन जरूरी है। बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई व्यावसायिक आय क्लबों की खर्च क्षमता की तुलना बिगाड़ सकती है; वहीं निष्पक्ष अपील का अवसर दिए बिना दंड देना नियामक पर भरोसा कमजोर करेगा। कठोर नियम पालन और निष्पक्ष प्रक्रिया साथ चलनी चाहिए।
प्रशंसक तुरंत जानना चाहते हैं कि टीम गिरेगी या खिताब खोएगी। फिलहाल तीन बातें स्पष्ट हैं: स्वतंत्र आयोग ने मुख्य उल्लंघन पाए, सिटी ने अपील की और अंतिम सजा बाकी है। इन्हें अलग रखकर ही अफवाहों के बजाय सबूत और नियमों के आधार पर आगे की कहानी समझी जा सकती है।



